रांची की इस महिला के हाथ की आलू बिरयानी बनी सुपरहिट, 5 किलो तक आते हैं ऑर्डर, रेट भी बेहद कम

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रांची की अपारूपा ने अपने हुनर को ही अपनी पहचान बना लिया. घर के किचन से शुरू हुआ उनका बिरयानी बिजनेस आज शानदार कमाई का जरिया बन चुका है. बंगाली स्टाइल आलू बिरयानी से लेकर प्रॉन ग्रेवी और मछली बिरयानी तक, उनके हाथ के स्वाद के लोग इतने दीवाने हैं कि हर दूसरे दिन बड़े ऑर्डर मिलने लगे हैं.

रांची. रांची के मेकॉन में रहने वाली अपारूपा अपनी बिरयानी के लिए बेहद लोकप्रिय हैं. किसी घर में अगर पांच लोग आ गए तो झट से इन्हें ऑर्डर देते हैं. पार्टी से लेकर गेट टुगेदर तक के लिए वे खासतौर पर ऑर्डर लेती हैं. अपने घर के किचन में ही काम करती हैं. प्रॉन से लेकर मीठा चावल, बिरयानी के कम से कम पांच तरह के विकल्प, मछली ये सारी चीजें बनाती हैं और आज अच्छी खासी कमाई कर रही हैं.

उन्होंने बताया कि ‘मैंने अपनी मम्मी और सास से खाना बनाना सीखा है. मेरी सास बेहद ही सपोर्टिव हैं और बहुत ही स्मार्ट हैं और उन्होंने ही मुझे प्रोत्साहित किया है, तो मुझे लगा कि क्यों न दुनिया को भी अपने हाथ का लजीज व्यंजन खिलाया जाए. लेकिन, रेस्टोरेंट या फिर आउटलेट खोलने का बजट नहीं था. ऐसे में सोचा क्यों न घर के किचन से ही काम शुरू किया जाए. क्योंकि, अगर एक बार लोगों को मेरा खाना पसंद आ जाए तो फिर ऑर्डर तो आएंगे ही.’

अपारूपा बताती हैं ‘मुझे हर दिन कम से कम 4 से 5 केजी सिर्फ और सिर्फ आलू बिरयानी का ऑर्डर आते हैं. खासतौर पर जो बंगाली स्टाइल में बनाया जाता है. क्योंकि, आलू बिरयानी आपको बहुत जगह नहीं मिलेगी. इसमें चिकन से लेकर अंडा सब कुछ मिला होता है, तो इसे शाही बिरयानी भी कह सकते हैं. कई बार 25 और 30 लोगों के लिए भी ऑर्डर आते हैं. यह सबसे बड़ा हिट व्यंजन है. एक प्लेट की कीमत ₹120 होती है.

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इसके अलावा आपको हमारे यहां मलाई प्राउन ग्रेवी मिलेगी. मीठा चावल, ड्राई चिकन, ग्रेवी चिकन, मछली में दो तीन प्रकार के विकल्प, रोहू कतली ये सारी चीजें देखने को मिलेंगी और मछली बिरयानी, अंडा बिरयानी ये सारे ऑप्शन भी मिलेंगे. खासतौर पर घर में गेट टुगेदर होते हैं या फिर किटी पार्टी होती है तो उनके अधिक ऑर्डर आते हैं. हर दूसरे दिन कोई न कोई ऑर्डर आ ही जाता है.’

वे आगे बताती हैं, ‘आज मेरा खुद का नाम है और किचन से ही मैंने अपना नाम कमाया है. आज लोग मुझे मेरे नाम से जानते हैं, मेरा कार्ड अपने पास रखकर मुझे कॉल करते हैं, तो अच्छा लगता है कि मेरी खुद की आइडेंटिटी है, जो भी हाथ में स्किल था, उसी को हथियार बनाया. आज मेरे साथ ऐसी कई सारी महिलाएं हैं जो घर पर रहती हैं और सोचती हैं कि मैं क्या करूं.’

उन्होंने आगे बताया ‘मैं पीएचडी भी कर रही हूं, बच्चा होने के कारण मैं गवर्नमेंट जॉब करती थी जो मुझे छोड़ना पड़ा. ऐसे में बाहर जाकर जॉब करना और पॉसिबल नहीं था. सोचा क्यों न घर से ही शुरू किया जाए तो मुझे किचन ही ठीक लगा और लोगों को खाना बनाकर खिलाना शुरू किया. अगर आपके खाने में क्वालिटी है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, इस काम से मेरी अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है.’

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